एक रात अचानक कहा उसने,
मुझे तुमसे हो गयी मुहब्बत है।
मेरे दिल पर भी तो आजकल,,
बस तुम्हारी ही एक हुक़ूमत है।।
सालों से मुझे तलाश थी जिसकी,
राज़ दिल का ऐसा मुझे उसने बता दिया।
मज़ाक का एक एहसास था शायद,,
बातों-ही-बातों में जो उसने जता दिया।।
हज़ारों सवाल थे अभी मन में मेरे,
कुछ उम्मीदें भी थीं मैंने सजायी।
डर रही थी ख़ुद को आज़माने से मैं,,
इश्क़ में अकसर देखी थी वो रुसवायी ।।
इज़हार वो तो कर चुका था,
इंतज़ार था बस मेरे हामी भरने का।
पर जाने क्यों मैंने सोच लिया,,
एहसासों से अपने इनकार करने का।।
हाँ-ना की इस एक कश्मकश में बस,
मैं उलझती रही हर दिन और रात।
वो दूर कहीं चला गया मुझसे,,
और मिटा गया दिल से हर जज़बात।।
आज अकेली हूँ मैं याद में उसकी,
आशिक़ी को उसकी काश मैंने पहचान लिया होता।
क्या मालूम दो जिस्म एक जाँ हो जाते,,
एक-दूजे को पाने का ग़र हमने एहसान किया होता।।
मुझे तुमसे हो गयी मुहब्बत है।
मेरे दिल पर भी तो आजकल,,
बस तुम्हारी ही एक हुक़ूमत है।।
सालों से मुझे तलाश थी जिसकी,
राज़ दिल का ऐसा मुझे उसने बता दिया।
मज़ाक का एक एहसास था शायद,,
बातों-ही-बातों में जो उसने जता दिया।।
हज़ारों सवाल थे अभी मन में मेरे,
कुछ उम्मीदें भी थीं मैंने सजायी।
डर रही थी ख़ुद को आज़माने से मैं,,
इश्क़ में अकसर देखी थी वो रुसवायी ।।
इज़हार वो तो कर चुका था,
इंतज़ार था बस मेरे हामी भरने का।
पर जाने क्यों मैंने सोच लिया,,
एहसासों से अपने इनकार करने का।।
हाँ-ना की इस एक कश्मकश में बस,
मैं उलझती रही हर दिन और रात।
वो दूर कहीं चला गया मुझसे,,
और मिटा गया दिल से हर जज़बात।।
आज अकेली हूँ मैं याद में उसकी,
आशिक़ी को उसकी काश मैंने पहचान लिया होता।
क्या मालूम दो जिस्म एक जाँ हो जाते,,
एक-दूजे को पाने का ग़र हमने एहसान किया होता।।
What????? Kon hai vo shaks jiski charcha ki gyi hai???????
ReplyDeleteGreat Job Dear
Deleteahhaan kon h wo ????
DeleteHahahahaha.. koi nahin!
Deletepehle aap to bataiye aap "kon"???
ReplyDeleteBest lines are
ReplyDeleteसालों से मुझे तलाश थी जिसकी,
राज़ दिल का ऐसा मुझे उसने बता दिया।
मज़ाक का एक एहसास था शायद,,
बातों-ही-बातों में जो उसने जता दिया।।
Thanks Jasraj! M glad you liked few lines..
DeleteThanku so much dear Uma.. :)
ReplyDelete