चुलबुले हमारे चूहेराम,
कभी न करते थे आराम।
कूदते रहते यहाँ से वहाँ,,
जाने उनको जाना था कहाँ।।
भागते रहते इधर-उधर,
थी न उनको कुछ भी ख़बर।
नाक में थोड़ा दम थे करते,,
जितना मारो नहीं सुधरते।।
बढ़ा देते थे हमारा काम,
चुलबुले हमारे चूहेराम।
नन्हे से आये थे घर में,
रहते थे दिल के अंदर में।
करते थे बहुत शैतानी,,
बात हमारी कभी न मानी।।
न करने देते हमको आराम,
चुलबुले हमारे चूहेराम।
चले गए हैं छोड़कर हमको,
छोड़ गए हैं इस वतन को।
हुए वीरगति को प्राप्त,,
कभी किया नहीं हम पे आघात।।
किया रोशन हमारा नाम,
चुलबुले हमारे चूहेराम।
अब हमसे दूर हो गए तुम,
हम हैं तुम्हारी याद में गुम।
जी भर के अब करो विश्राम,,
चुलबुले हमारे चूहेराम।।
वो मासूम सी निंदिया तुम्हारी,
वो उबासी बहुत ही प्यारी।
सब हमको बहुत सतायेगा,,
हर लम्हा अब याद आएगा। .
पर तुम सदा रहोगे हमारी शान,
चुलबुले हमारे चूहेराम।
कभी न करते थे आराम।
कूदते रहते यहाँ से वहाँ,,
जाने उनको जाना था कहाँ।।
भागते रहते इधर-उधर,
थी न उनको कुछ भी ख़बर।
नाक में थोड़ा दम थे करते,,
जितना मारो नहीं सुधरते।।
बढ़ा देते थे हमारा काम,
चुलबुले हमारे चूहेराम।
नन्हे से आये थे घर में,
रहते थे दिल के अंदर में।
करते थे बहुत शैतानी,,
बात हमारी कभी न मानी।।
न करने देते हमको आराम,
चुलबुले हमारे चूहेराम।
चले गए हैं छोड़कर हमको,
छोड़ गए हैं इस वतन को।
हुए वीरगति को प्राप्त,,
कभी किया नहीं हम पे आघात।।
किया रोशन हमारा नाम,
चुलबुले हमारे चूहेराम।
अब हमसे दूर हो गए तुम,
हम हैं तुम्हारी याद में गुम।
जी भर के अब करो विश्राम,,
चुलबुले हमारे चूहेराम।।
वो मासूम सी निंदिया तुम्हारी,
वो उबासी बहुत ही प्यारी।
सब हमको बहुत सतायेगा,,
हर लम्हा अब याद आएगा। .
पर तुम सदा रहोगे हमारी शान,
चुलबुले हमारे चूहेराम।