Tuesday, 12 April 2016

याद

1. मुश्क़िल था बहुत उसके लिए हर शाम उस राह से गुज़रना,
जहाँ 'उसके' साथ वो बस एक शाम चली थी।

2. मिलने की उससे वो अब कोई उम्मीद नहीं रखती,
डर है उसको कहीं फिर इश्क़ न हो जाए। 
 
3. हर शाम वो लम्हें याद किया करती थी बस,
वो शख़्स तो उसके ज़हन से कब का निकल चुका था।

4. वो भूला नहीं था शायद उसको,
इसलिए उसे भी 'वो' याद दिन-रात आया करता था।

5. हक़ीक़तों से इश्क़ करता था 'वो,'
वो मग़र उसी के साथ सपने सजाती थी। 
 
6. सुन तो लिया था उसने उसको,
अब धीरे-धीरे बुन रही थी। 
 
7. वो इत्मिनान से कहाँ मिला करती थी उससे, 
'वो' बस राह में टकरा जाया करता था। 
 
8. भूला कहाँ था वो उसको,
वो बिना वजह ही शिकायत करती थी। 
 
9. 'वो' दोस्त से ज़्यादा कुछ ना समझ सका उसको,
वो मग़र इश्क़ को दोस्ती से अलग ना कर पायी। 
 
10. हर दिन बातें करते तो थे वो,
हर रात फिर भी कुछ अनकहा रह जाता था।

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